के सपना तेरा जिक्र करूँ: हरियाणवी रागनी की एक भावुक यात्रा
अंजू की आवाज में वह दर्द और गहराई महसूस होती है जो मेहर सिंह की कविताओं की आत्मा है।
गायक ने इस पारंपरिक रागनी को एक नया आयाम दिया है। उनकी शैली की कुछ खास बातें:
क्या आप इस रागनी के जानना चाहते हैं या अंजू के अन्य लोकप्रिय गानों की लिस्ट देखना चाहेंगे?
अंजू जैसी उभरती कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए हरियाणवी संस्कृति को आज की पीढ़ी तक पहुँचा रही हैं। क्यों खास है यह गाना?
बिना किसी ताम-झाम के, उनकी सादगी भरी गायकी दर्शकों को सीधे लोक कला से जोड़ती है।
हरियाणवी संगीत और लोक कला की दुनिया में रागनियों का एक विशेष स्थान है। इन्हीं में से एक कालजयी रचना है— । वैसे तो इस रागनी को दिग्गज कलाकार राजेंद्र खरकिया (Rajender Kharkiya) जैसे गायकों ने अमर बनाया है, लेकिन हाल के समय में अंजू की आवाज में भी यह प्रस्तुति सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। रागनी का सार और इतिहास