पावस पचासा, सुकवि सतसई, हो हो होरी
श्यामा स्वप्न, देवयानी, प्रेम संपत्ति लता
इस काल में संस्कृत, अंग्रेजी और बांग्ला के प्रसिद्ध ग्रंथों का हिंदी में बड़े स्तर पर अनुवाद हुआ, जिससे हिंदी साहित्य समृद्ध हुआ।